Tuesday, 23 March 2021

Prevention of old age fracture: Create Peak Bone Mass in Adolescence.

अब हम उस पड़ाव पर हैं, जब हमारे माता पिता वृद्ध हो रहे हैं।

आपने देखा होगा कि एक उम्र में हल्की सी चोट लगने पर बुजुर्गों का कूल्हा टूट जाता है। 

यह क्यों होता है? 
क्योंकि एक उम्र के बाद हड्डियों में कैल्शियम का क्षरण होने लगता है। जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। 
विशेष कर महिलाओं में। 

एक और बात जो आपको जानना चाहिए कि किशोरावस्था के अंत तक आपने उचित व्यायाम और खान पान से जितना अधिक हड्डी मजबूत कर लेंगे - बुढ़ापे में हड्डी उतनी ही मजबूत रहेगी या उसमें क्षरण के कारण, कम असर होगा। इसे #पीक_बोन_मास कहते हैं। इसको आप अपना बोन बैंक भी कह सकते हैं।
क्योंकि एक उम्र के बाद हड्डियों का क्षरण शुरू ही होना है - कम या अधिक। यदि आपके बैंक का अकाउंट जितना अच्छा है  वह उतनी ही देर से खाली होगा।
इसलिये अपने बच्चों को खान पान और व्यायाम के प्रति प्रेरित करते रहें।  

इस उम्र में कूल्हे की हड्डी टूटने पर प्रायः आपरेशन ही करना पड़ता है। 
आज कल हड्डियों का क्षरण रोकने के लिए - अनेक अच्छी दवाएं उपलब्ध हैं। आप किसी फिजिशियन या ऑर्थोपेडिक सर्जन से लिखवा सकते हैं। नयमित व्यायाम, उचित आहार विहार, कैल्शियम और एन्टी ऑस्टियोपोरोटिक ड्रग्स से इस उम्र में होने वाले इन फ्रैक्चर्स से अपने प्रियजनों को बचाया जा सकता है। 

बढ़ती उम्र में कलाई का फ्रैक्चर, स्पाइन का फ्रैक्चर और कूल्हे का फ्रैक्चर हड्डी के क्षरण ( #Osteoporosis) का द्योतक है। 

यह हमारे एक मित्र की माता जी हैं। इनको अनेक वर्ष पूर्व कलाई का फ्रैक्चर हुवा था। हमने उस समय इनको एन्टी ऑस्टियोपोरोसिस दवाएं शुरू की थीं। 

परंतु उन्होंने उसको कुछ एक माह या साल लेने के बाद बन्द कर दिया था। परिणाम हुवा कि लॉन में टहलते समय हल्की सी चोट से गिर गयी और कूल्हा फ्रैक्चर हो गया। 

ऑपेरशन के बाद शकुशल हैं। 
चल फिर रहीं हैं। 

- जनहित में जारी। 

©डॉ त्रिभुवन सिंह M. S. ( ऑर्थो ) 
कंसलटेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन।

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